मोहब्बत ऐ शायरी। [Shayarashiq]

  जलने वाले की दूआ से ही सारी बरकत है,
               🌴💔🌴
वरना अपना कहने वाले तो याद भी नही करते ।


तुम्हारा एक पल साथ खरीदने के लिए...
थोड़ी-थोड़ी ज़िन्दगी रोज़ बेचते हैं हम...


आज तो दीवाली थी आज तो मुझसे खफ़ा ना होता
तुझको दिल से अपना माना था तूँ तो बेवफ़ा ना होता!





आखिर किस कदर खत्म कर सकते हैं उनसे रिश्ता........
जिनको सिर्फ महसूस करने से हम दुनिया भूल जाते हैं........



कैसे ख़ैर मना लूँ ख़ुद की जब तूँ परेशान है
कैसे समझाऊँ इश्क़ तुमको तूँ तो अभी नादान है।


किसी को प्यार करो तो इतना करो की..
बयां करने से पहले उसे भी तुमसे प्यार हो जाए।



मेरे लबों पर  तुम एक गज़ल बन के चले आओ
सातों जन्म दिल की धड़कनें तेरे नाम लिख दूं।

फरेब की महफिल थी ओर मैं सच बोल बैठा . . .
नमक के शहर में अपने ज़ख्म खोल बैठा . . .।


धोखा  देती  है  अक्सर  मासूम  चेहरे  की  चमक
हर  काँच  के  टुकड़े  को  हीरा  नहीं  कहते।



मैं सोच रहा हूँ कि कोई मुझे समझे
पर मुझे हर कोई और उलझा कर चला जाता है
हाथ तो पकड़ता हूँ मैं पर हर कोई हाथ छुड़ाकर चला जाता है।




आप आयी हवा के झोंके सी
और चली गयी तूफ़ान बनकर
क्यों निकाल लेते है लोग
मेरी ही जान मेरी जान बनकर। :-शन शायार


मोहब्बत का हुनर भी क्या खूब  दिखाते हो
दिल खुद चुराते हो और चोर हमे बताते हो।


आज़कल तो खफ़ा खफ़ा से रहते है तारे मुझसे
ले आओ चाँद हमारा कहते हर रोज सारे मुझसे।


कुछ खाश लम्हों में तेरा इंतज़ार है
कैसे बताऊँ हां तुमसे प्यार है।


आपकी खामोशी से प्यार बढ़ता जा रहा है
दिन ब दिन तेरे प्यार का नशा चढ़ता ना रहा है!..

बना लो तमाशा मुझे पूरी जिंदगी का
ये दौर चल रहा है जिस्म की गंदगी का।.....

दिल करता है सब दुनिया को छोड़ बस तेरा हो जाऊँ
तूँ बन जाये शाम मेरी मैं तेरा सवेरा हो जाऊँ।





तेरे नाम पर लिखता नही
कभी मैं ग़ज़ल या छंद
दीदार तेरा गैर करे
हमे ये नही पसंद।।

अजीब सुबूत मांगा है उसने मेरी मोहब्बत का....
के भूल जाओ तो मानू मुझसे मोहब्बत है!!!😓

कितना प्यार करूँ तुझसे
जो तूँ हमेशा के लिए मेरी हो जाये
अब करता हूँ रब से एक ही फ़रियाद
की मेरी बची साँसे भी तेरी हो जाये।....

मान लो वो रुसवा है मुझसे पर उससे पूछो रुसवा रहेगी कितनी देर
जो दर्द है दिल का अकेले सहेगी कितनी देर।



हर किसी का दिल टुटा मिला, "इश्क़" और "प्यार"में,

कोई तो होगा, जो सिर्फ खुश होगा, ऐ "इश्क़" तेरी कतार में...





ऐ मेरे दिल तैयार रहना दर्द सहनें को,
मुहब्बत के सफ़र में स्वागत हैं तेरा!
मोहब्बत ऐ शायरी। [Shayarashiq] मोहब्बत ऐ शायरी।  [Shayarashiq] Reviewed by Shayar Ashiq on December 11, 2019 Rating: 5

No comments:

Featured Posts

Powered by Blogger.